होली में खूब रंग खेले मगर सेहत को ध्यान में रखकर

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Hahnemann Ki Aawaz Posted on 02 – 03 – 2017
रंगों के त्योहार होली की बहार है। हर तरफ उल्लास का वातावरण है। बाजारें,रंगों, गुलाल एवं खाने- पीने की चीजों से सज गया है। होली में खूब रंग खेले, खूब गुलाल उडाएँ परन्तु बाजार में सजे केमिकल वाले रंगो से बचे क्योकि यह रंग आपकी होली की बेरंग कर सकते है। इसीलिए कुछ सावधानियाँ अपनाकर होली मनाए जिससे होली का रंग बेरंग ना हो और होली की खुशियाँ बरकरार रहे।
होली में हर व्यक्ति एक-दूसरे को रंग लगाकर अपनी आत्मीयता का इज्हार करता है परन्तु उसे यह नहीं मालूम कि जो रंग वह लगा रहा है वह रसायनिक रंग है जिससे त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है, श्वास एवं एल्र्जी की बीमारी हो सकती है। बाजार में बिकने वाले हरे रंग में तांबा, काले रंग में नाइट्रेट आॅक्साइड, परपिल रंग क्रोमाइड, सिल्वर कलर में एल्युमिनियम ब्रोमाइड, लाल रंग मारकरी सल्फेट रसायनों से बनता है। यह सभी रसायनिक रंग त्वचा पर जलन खुजली, दाने, एलर्जी, श्वास की तकलीफ उत्पन्न कर सकते है जो आपकी होली को बदरंग कर सकते है इसलिए रंग खेलने में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग ही करना चाहिए।
होली में गुलाल भी खूब उड़ाया जाता है। बाजार में मिल रहे गुलाल में अवरक का इस्तेमाल होता है। इसमें बालू तथा अन्य रसायन पड़ें रहते है। इससे दमा का प्रकोप हो सकता है। इससे त्वचा में जलन, खुजली की समस्या हो सकती है। त्वचा खुरदरी हो सकती है इसलिए हर्बल गुलाल का प्रयोग करना चाहिए रंग के स्थान पर पेंट, तारकोल, कीचड़ आदि का प्रयोग बिल्कुल न करे इससे त्वचा बदरंग हो सकती है। रंग खेलने से पहले शरीर पर तेल आवश्य लगा लो रंग खेलते समय इन बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए-
ऽ रंग छुड़ाने के लिए उपटन का प्रयोग करना चाहिए रंग छुड़ाने के लिए बार-बार साबुन न रगड़े।
ऽ यदि त्वचा खुजली के साथ पानी निकले तो साफ पानी से धुले।
ऽ यदि आॅख मं रंग पड़ जाये तो रगड़े नहीं बल्कि साफ पानी से धोए।
ऽ रंग खेलते समय शरीर पर टोपी जरूर लगाए। पूरे आस्तीन के कपड़े पहने।
ऽ गीले आस्तीन के कपड़े ज्यादा देर ना पहने।
इस प्रकार कुछ सावधानियाॅ अपनाकर सुरक्षित होली मनायी जा सकती है। होली के पर्व पर बाजार रंग-बिरंगी मिठाइयों सें सज गया है। मिठाइयों, अन्य खाने की चीजों जैसे खोया, दूध पनीर में मिलावट का खतरा हो सकता है। इनमें रसायनिक तत्वों पेंट, यूरिया, निरमा, मिलावटी तेल, मिला रहता है जिससे पीलिया, पेट में जलन, संक्रमण, दस्त, उल्टी, गैस, दर्द आदि की गंभीर समस्याएं हो सकती है इसलिए खाने-पीने की चीजें जांच-परखकर ही खरीदे। बाजार की बजाय घर की बनी चीजों का प्रयोग करो ड्राई फ्रूट का ज्यादा इस्तेमाल करे इससे सुरक्षित होली मनाई जा सकती है।
होली में शराब का नशा बहुत आम है। लोग भांग पीकर होली मनाते है। इस उल्लास पूर्ण होली के पर्व को नशे का सेवन बेमजा कर सकता है। आइए इस उल्लासपूर्व रंगों के पर्व होली को सुरक्षित तरीके से मनाकर चार चांद लगाए।

डाॅ0 अनुरूद्ध वर्मा
जन स्वास्थ्य के सरोकार से जुड़े
होम्योपैथिक चिकित्सक
मो नं0 -9415075558

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