होम्योपैथी मिशन है, कमीशन नहीं: वेंकैया नायडू

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Hahnemann ki aawaz posted on 23 – 06 -2018
नई दिल्ली। विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन का उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू ने शुभारंभ किया। उन्होंने होम्योपैथी को किफायती व दुष्प्रभाव रहित चिकित्सा पद्धति बताते हुए कहा कि होम्योपैथी मिशन है, कमीशन नहीं। देश को वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति की जरूरत है। उन्होंने एलोपैथ, होम्योपैथ सहित सभी चिकित्सा पद्धतियों के डाॅक्टरों से बीमारियों से बचाव पर जोर देने की अपील की। साथ ही डाॅक्टरों से कहा कि व लोगों को स्वास्थ्य के प्रति शिक्षित और जीवनशैली में बदलाव के लिए प्रेरित करें।
उपराष्ट्रपति का ब्यान इसलिए अहम है, क्योंकि हाल ही में ऐलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के कारपोरेट अस्पतालों में इलाज के महंगे खर्च को लेकर मरीजों की बेबसी सामने आई है। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि धनवान देश से स्वास्थ्य देश ज्यादा अच्छा है। स्वास्थ्य अच्छा होगा तो धन भी नहीं रह सकता। इसलिए बीमारियों के इलाज के साथ साथ उनकी रोकथाम पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गैर संचारी बीमारियों की रोकथाम कार्यक्रम में होम्योपैथी को शामिल किया गया है। देश में होम्योपैथी के करीब 2.8 लाख डाॅक्टर हैं। यह किफायती चिकित्सा पद्धति है और भारतीय परिवेश के लिए जरूरी है। होम्योपैथिक दवाएं महंगी नहीं होती और इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में नैनो व बायोटैक्नोलाॅजी जैसे नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल पर शोध सही दिशा में उठाया गया कदम है।
शुद्ध हवा, पानी व पौष्टिक भोजन होता जा रहा है दुर्लभः उपराष्ट्रपति ने कहा कि भागदौड़ के बीच जीवनशैली में बदलावके साथ प्रकृति को भी नुकसान पहुंच रहा है। लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं और प्रदूषण बढ़ रहा है। इसलिए शुद्ध हवा, जल और पौष्टिक भोजन दुर्लभ होता जा रहा है।
सूर्य की प्राकृतिक रोशनी शरीर को ऊर्जा देती है। हम कृत्रिम रोशनी में रहने के आदी हो रहे हैं। खानपान में जंक फूड व फास्ट फूड का इस्तेमाल बढ़ रहा है। उन्होंने व्यायाम करने, हरियाली को बढ़ावा देने के लिए प्रकृति से नाता जोड़ने व पेड़ लगाने का आदेश दिया। केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद ने बीमारियोंके इलाज के लिए स्टैडर्ड दिशा-निर्देश तैयार किया है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने इसे जारी किया। इस दिशा-निर्देश के तहत करीब 25 बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा। श्रीपद नाइक ने कहा कि होम्योपैथी के विकास के लिए शोध को बढ़ावा देने में सरकार पूरा सहयोग करेगी। स्नातकोतर स्तर के मैडिकल कालेजों के बूनियादी ढांचे में सुधार किया जाएगा। परिषद के महानिदेशक डा. राजकुमार मनचंदा ने कहा कि इस सम्मेलन का मकसद नई दशाओं का विकास व शोध का बढ़ावा देना हैं।

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