सभी राज्यों में खुलेंगे होम्योपैथी फार्मेकोविजिलेंस सेंटर

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hahnemann ki aawaz posted on 18 – 09 – 2018

लखनऊ। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के निर्देश पर पहली बार सभी राज्यों में होम्योपैथी फार्मेकोविजिलेंस सेंटर खोलने की तैयारी है। प्रथम फेज में लखनऊ समेत देश के विभिन्न राज्यों में छह नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है। कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीटयूट आफ होम्योपैथी (एनआईएच) को इसका हेड आॅफिस बनाया गया है। एलोपैथी की तर्ज पर इन केंद्रों पर होम्योपैथी दवाओं के साइड इफेक्टस का बारीकी से अध्ययन के साथ रोकथाम के तरीके भी खोजे जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ होम्योपैथी दवाएं ऐसी होती हैं जिनके ओवरडोस से साइड इफैक्टस हो सकता है। इसलिए इसके अध्ययन की जरूरत महसूस की जा रही है। एनआइएच की ओर से आरंभ में छह नए केंद्रों का चयन कर प्रस्ताव को केंद्रीय आयुष मंत्रालय को भेज दिया गया है। अन्य छह केंद्र भी इससे जोड़ दिए जाएंगे।
कैसे काम करेगा सैंटर
एनआइएच स्थित इंटरमीडियअरी फार्मेकोविजिलेंस सेंटर के को-आर्डिनेटर प्रो. दिलीप पनक्कड़ ने बताया कि आइपीवीसी से देशभर के पेरीफेरल फार्मेकोविजिलेंस सेंटर को इंटरकनेक्ट किया जाएगा। पेरीफेरल सेंटरों से उस राज्य के सभी होम्योपैथी अस्पताल, केंद्र व नर्सिंग होम एवं क्लीनिक भी आपस में लिंक कर दिए जाएंगे। ऐसे में यदि किसी प्रैक्टिसनर को होम्योपैथी दवाएं अपने मरीज को देने से उसमें साइड इफैक्टस जैसा कुछ लक्षण दिखेगा तो वह इसकी रिपोर्ट पीपीवीसी को भेजेंगे। इसके बाद विशेष प्रयोगशाला में साइड इफेक्टस के कारण, प्रभाव व रोकथाम की बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। इससे मरीजों को स्टीक व त्वरित इलाज संभव हो जायेगा।
एलोपैथी को टक्कर देेेेगी होम्योपैथी दवाएं
ज्यादातर होम्योपैथी दवाओं का असर धीमी गति से होता है। इसलिए त्वरित आराम पाने के लिए मरीज न चाहकर भी एलोपैथी के ही विकल्प को सबसे पहले चुनते हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि गत एक दशक में होम्योपैथी चिकित्सा का स्वरूप भी अत्याधुनिक हुआ है। इसमें अब कई होम्योपैथी दवाएं एलोपैथी की ही तरह तेजी से काम करने लगी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि होम्योपैथी दवाएं भी एलोपैथी का विकल्प बन सकेगी। आइपीवीसी कोलकाता के सदस्य डाॅ. सुभाष चैधरी ने बताया कि होम्योपैथी चिकित्सा जगत के इतिहास में सरकार द्वारा उठाया जा रहा यह बेहद क्रांतिकारी कदम हैं। इन केंद्रों पर दवाओ के साइड इफैक्टस के तमाम पहलुओं का पता लगाने के बाद मरीज का त्वरित व सटीक इलाज संभव होगा। आयुष मंत्रालय का निर्देश मिलने के बाद छह नए कंेद्रों को प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेज दिया गया है।

प्रथम फेज में लखनऊ समेत देश में छह नए केंद्रों को मंजूरी,
केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने कोलकाता के एनआइएच को बनाया कंट्रोल रूम
इन छह केंद्रों को मंजूरी
1. नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, लखनऊ
2. बीआर सूद होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, नई दिल्ली
3. शारदा कृष्णा मेडिकल होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, तमिलनाडु
4. फादर मुलर होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, मेंगलुरू
5. गवर्नमेंट होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, बेंगलरू
6. गवर्नमेंट होम्योपैथिक मेडिकल कालेज, ओडिशा

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