मां के गर्भ से पूरे इतिहास की जानकारी लेकर होम्योपैथी दवाई से जन्मजात गतिविधियों को रोका जा सकता है: डा. मुक्तिंद्र

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Hahnemann ki aawaz posted on 24 – 06 – 2018
सिरसा।इंडियन इंस्टीच्यूट आॅफ होम्योपैथिक फिजिशियंस की सिरसा इकाई की ओर से जननायक चैधरी देवीलाल विद्यापीठ में होम्योपैथी के जनक डा. सीएफ सैम्युएल हैनीमैन का 263 वां जन्मदिवस होम्योपैथिक सेमिनार के रूप में मनाया। जेएसडी विद्यापीठ के बीएड काॅलेज के आॅडिटोरियम में आयोजित इस सेमीनार में मुख्य अतिथि कौंसिल आॅफ होम्योपैथिक सिस्टम आॅफ मेडिसीन हरियाणा के चेयरमैन डा. हरप्रकाश शर्मा थे। जिन्होंने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का आगाज किया। वहीं सेमीनार में मुख्य वक्ता के रूप में एमडी होम्योपैथी डा. मुक्तिंद्र सिंह ने जन्मजात छोटे बच्चों में होने वाली विभिन्न गतिविधियों के संदर्भ में विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया। मनोविज्ञान विषय के एसोसिएट प्रो. डा. रविंद्र पुरी ने भी इस मौके पर सेमिनार में साइक्लोजिकल अंडरस्टेडिंग आॅफ हयूमन बींग एंड बाॅडी लेंग्वेज विषय पर अपने विचार प्रकट किए। शहर के प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डा. कमल जिंदल ने इस अवसर पर बताया कि डा. सीएफ सैम्युएल हैनीमैन का जन्म 1755 में हुआ था और उन्होंने अपने अंतिम क्षणों 1843 तक होम्योपैथी के क्षेत्र में क्रंातिकारी कार्य किए जिसकी बदौलत आज यह पैथी असंख्य रोगों का उपचार कर रही है।
डा. जिंदल ने कहा कि डा. हैनमन ने अन्य लोगों पर चिकित्सकीय शोध करने की बजाए स्वयं पर ही इस पैथी का शोध किया और उसके परिणाम आने पर ही इस पैथी को आमजन के हितार्थ समर्पित किया। सेमिनार के दौरान इंडियन इंस्टीच्यूट आॅफ होम्योपैथिक फिजिशियंस की हरियाणा इकाई के प्रधान डा. राजप्रीत सिंह बराड़, उपप्रधान डाॅ. नवनीत बिदानी, डाॅ. विनोद सांगवान, डा. मंधीर सिंह संधु, डाॅ. संगीता सचदेवा, डा. रूपाली जिंदल, डा. राजेशदीप गोयल, डा. जसविन्द्र सिंह, डा. स्मृति मदान, डा. चांदनी मिश्रा, डाॅ. राकेश दिनोदिया वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक आदि मौजूद रहे।

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