मंगलई में खुलेगा पहला राजकीय होम्योपैथी काॅलेज संस्थान के लिए केंद्र 60 प्रतिशत खर्च उठाएगा

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Posted Hahnemann Ki Aawaz posted on 18 – 09 – 2018
चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश में होम्योपैथी का पहला राजकीय कालेज खोलने के लिए तैयारी हो गई है, इसके लिए विधिवत अंबाला छावनी के मंगलई गांव के पास ग्यारह एकड़ जमीन की व्यवस्था भी हो चुकी है। इस पर होने वाले खर्च का साठ फीसदी हिस्सा केंद्र की ओर से उठाया जाएगा जबकि चालीस फीसदी पैसा हरियाणा सरकार की ओर से खर्च किया जाएगा।
दस करोड़ की राशि स्वीकृत: उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि अंबाला छावनी के मंगलई में बनने वाला होम्योपैथी कालेज के पहले चरण में दस करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद में इसके लिए केंद्र की और से बाकी राशि भी दी जाएगी। यहां पर याद दिला दें कि केंद्र मोदी सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से राज्यों को इस संबंध में कहा था कि जहां जहां पर होम्योपैथी के कालेज नहीं हैं, वहां पर इन्हें खोलने की दिशा में तेजी के साथ काम किया जाए। उसी क्रम में हरियाणा में भी राज्य के सेहत मंत्री विज ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए होम्योपैथी विशेषज्ञों से चिंतन मंथन के बाद जगह की व्यवस्था जल्द से जल्द करने और इस अहम प्रोजेक्ट को सिरे चढाने के लिए कहा था। इस क्रम में जगह की व्यवस्था हो जाने और पहले चरण में दस करोड़ खर्च को हरी झंडी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि जगह को लेकर संशय था, नहीं मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट लंबे समय के लिए लटक सकता था। जगह की व्यवस्था होने के साथ ही छावनी में इस कालेज को गति देने के लिए मंत्री ने अफसरों को दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं।
तेजी से चल रही प्रक्रिया: होम्योपैथी काॅलेज खोलने की घोषणा पर काम किया जा रहा है। इसके लिए जमीन की व्यवस्था हो जाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं।
पहला चरण जल्द शुरू होगा: दी कौंसिल आफ होम्योपैथी सिस्टम आफ मेडिसिन हरियाणा के चेयरमैन डाक्टर हर प्रकाश शर्मा ने पूछे जाने पर बताया कि मंगलई गांव में 11 एकड़ जमीन की व्यवस्था कर ली गई है। पहले चरण में इसके लिए दस करोड़ की व्यवस्था की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है, जिसमें थोड़ा समय लगता है लेकिन इसके लिए खुद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गंभीर है, वे चाहते हैं कि तय समय सीमा के तहत इस काम को कर लिया जाए। इसके लिए अधिकारी व एसोसिएशन के सदस्य दिन रात काम कर रहे हैं।
एनओसी को लेकर केंद्र से बातचीत करेगी सरकार
केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से एक पत्र जारी कर आयुष के किसी भी काॅलेज को तीन साल तक एनओसी नहीं देने का फैसला लिया गया है। अब इस पत्र के बाद में हरियाणा में आयुष की दिशा में चल रहे कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव दिखायी देने लगा है। खुद योगगुरू बाबा रामदेव (पतंजलि रिसर्च संस्थान) की ओर से हरियाणा में काफी कुछ करने के इच्छुक हैं। इस क्रम में उन्होंने कई घोषणा की है, साथ ही हरियाणा सरकार के साथ में मोरनी जंगलात (वन क्षेत्र) में वल्र्ड हर्बल फोरेस्ट स्थापित कराने में सहयोग के लिए घोषणा की थी
लेकिन अहम प्रोजेक्ट में अभी भी कुछ खास परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। इसी तरह से पत्र के आने के बाद में कई अहम प्रोजेक्टस की प्रगति में पेंच फंसता हुआ दिखाई देने लगा है। राज्य मंे पंचकूला में एमडीसी क्षेत्र में आयुर्वेद का बड़ा इंस्टीच्यूट बनाने का फैसला हुआ था। हालांकि पूरे मामले में राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सेहत मंत्री अनिल विज केंद्रीय मंत्री से मिलकर एनओसी पर लगायी गई रोक को तुरंत हटाने के लिए भी अपील करेंगे, ताकि राज्य में चल रहे कामकाज में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आए।

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