बच्चों का मानसिक इलाज होम्योपैथिक में संभव

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Hahnemann Ki Aawaz Posted on 30 – 11 – 2017
फरीदाबाद। इंटरनेशनल होम्योपैथिक फाउंडेशन व फरीदाबाद होम्योपैथिक डाक्टर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में मानसिक रोगों पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया गया। डा. वसुधा वत्स (रजिस्टार हरियाणा होम्योपैथिक काउंसिल), डा मुखतेंद्रर सिंह, डा. आर.एन. वाही, डा. अशोक अग्रवाल, डा. अरविन्द सूद, डा. संजीव शर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर इसकी शुरूआत की।
प्रथम सत्र में लुधियाना के सुप्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डा. मुखतेंद्र सिंह ने अपने विचार रखे। डाॅ. मुखतेन्द्र सिंह ने बच्चों का हैपर एक्टिव होना, सुस्त होना, आक्रामक होना, कहना नहीं मानना, जिद्दीपन, तिरस्कार करना, घृणा करना आदि बच्चों को बढ़ती समस्याओं पर चर्चा कर उनका होम्योपैथी द्वारा सही दवा का चुनाव कर रोग मुक्त करना प्रमुख रहा। द्वितीय सत्र के शुभारंभ में डा. विनोद सांगवान मेंबर सेन्ट्रल कौंसिल आफ होम्योपैथी का स्वागत डाॅ. अमिता अरोड़ा, डा. सिमरन कौर, डा. दिलीप अग्रवाल, डा. विनोद मदान ने किया। द्वितीय सत्र में डा. मुखतेन्द्र सिंह का विषय समाज में बढ़ती ओसीडी की समस्या, बार बार हाथों का धोना, बार-बार नहाना, भ्रम पाल लेना, विचारों का अनियंत्रित होना, भयभीत होना, किसी भी एक कार्यों को बार-बार करना आदि लक्षणों पर चर्चा कर उनके निदान के बारे में होम्योपैथी द्वारा इलाज पर चर्चा की गई। डा. प्रवेश अग्रवाल एवं डाॅ. गुरवीन कौर ने बताया कि फरीदाबाद, दिल्ली, गुरूग्राम से 80 होम्योपैथी चिकित्सकों ने सैमीनार में भाग लिया और शीघ्र ही बच्चों की समस्याओं पर एक अन्य सेमीनार करने की आशा की।
अंत में फरीदाबाद होम्योपैथिक डाक्टर्स एसोसिएशन, इंटरनेशनल होम्योपैथिक फाउंडेशन व संरक्षक डाॅ. ललित अग्रवाल और डा. सौरभ शर्मा ने सभी होम्योपैथिक चिकित्सकों का धन्यवाद किया।

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