पुण्य तिथि पर याद किये गये होम्योपैथी के श्लाका पुरुष डा0 डी पी. रस्तोगी।

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Hahnemann Ki Aawaz Posted on 28 – 01 – 2015

In the memory of Dr.D.P.Rastogi

आजमगढ़। प्रदेश में होम्योपैथी के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। राज्य सरकार सरल एaव सुलभ एवa कम खर्चीली होम्योपैथी विधा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उक्त बातें कारागार मंत्री बलराम यादव ने मुख्य अतिथि के रुप में राहुल प्रेक्षागृह में होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन आजमगढ़ इकाई द्वारा आयोजित डा डीपी रस्तोगी मेमोरियल साइन्टिक सेमीनार को  संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक के विकास के लिए सरकार हर तरह से मदद करेगी। होम्योपैथिक मेडिकल कालेज आजमगढ़ के भवन आदि के विस्तार के लिए जो भी सुविधाये आवश्यक हैं उसके लिए प्रस्ताव पर मैं सरकार से अमल कराऊगां। हमारे मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपने इस संसदीय क्षेत्र के तमौली गांव को गोंद लिया है। वहां पर होम्योपैथी के विकास के लिए योजनाएं बनाई जानी चाहिए।

निदेशक होम्योपैथिक डा0 विक्रमा प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार होम्योपैथी के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चिकित्साधिकारियों को एसीपी तथा शिक्षकों को प्रोन्नति शीघ्र दी जायेगी। केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के वरिष्ठ सदस्य डा0 अनुरुद्ध वर्मा ने कहा कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए होम्योपैथिक कालेजों में शिक्षकों एवं अन्य कमियो दूर करना नितांन्त आवश्यक है। साथ ही अन्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की जरुरत है। उन्होंने होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी, एवं शिक्षकों को विशेष एसीपी दिये जाने की मांग की तथा कहा कि होम्योपैथिक के विकास के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करायी जायं]उन्होने कारागारों मे होम्यापैथी चिकिःत्सा सुविधा उपलब्द्ध कराने की मांग की। केन्द्रीस परिषद के सदस्य डा0वीबी सिंह नवाब ने होम्योपैथी चिकित्साधिकारियों की समस्याओं को उजागर किया। स्वागत समिति के अध्यक्ष एवं राजकीय एल.बी.एस. होम्योपैथिक मेडिकल कालेज इलाहाबाद के प्राचार्य आनन्द चतुर्वेदी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जी के लोकसभा क्षेत्र के होम्योपैथिक मेडिकल कालेज के विकास पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। सेमिनार की आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद के सदस्य डा0 भक्तवत्सल ने कहा कि आजमगढ़ होम्योपैथिक का गढ़ है। यहां पर होम्योपैथिक के विकास की योजनाओं को लागू करने की जरूरत है। होम्योपैथिक एक ऐसी विधा है जिससे असाध्य रोगों का उपचार कम खर्च में संभव हो रहा है। इसलिए सरकार को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए बंगलौर से आये हुए डा0 बी डी पटेल ने कहा कि डा0डीपी रस्तोगी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे और उन्होंने होम्योपैथी शोध को आम चिकित्सकों तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारागार मंत्री बलराम यादव ने डा0हैनीमन एवं डा0 डी0 पी0 रस्तोगी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्य अतिथि ने डा0 बी डी पटेल को होम्योपैथिक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रचार प्रसार के क्षेत्र मे में उल्लेखनीय योगदान के लिए डा0 एसके दूबे मेमोरियल अवार्ड तथा कलकत्ता के ख्यातिलब्ध होम्योपैथिक चिकित्साक डा0 एल. एम. खान को डा0 डीपी रस्तोगी मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया। इस दौरान प्रकाशित स्मारिका का भी विमोचन भी मुख्य अतिथि द्वारा किया गया। इसी सत्र में डा0 बी0 डी0 पटेल द्वारा डा0 भास्कर शर्मा द्वारा लिखित होम्योपैथिक मेटरिया मेडिका पुस्तक का विमोचन भी किया गया।प्रथम वैज्ञानिक सत्र में नेशनल इंस्टीच्यूट आफ होम्योपैथिक कोलकता के आर्गेनान आफ मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डा0 सुभाष सिंह ने आरम मेट में ओषधि के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि सोने से बनी होम्योपैथिक औषधि का अनेक रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण योगदान है। बंगलौर के प्रोफेसर डा0बी. डी. पटेल ने अपने शोध पत्र में बताया कि सोरा सिफलिय साइकोसिस एवं टयुबरकुलर मियाज्म का रोगी किस प्रकार के लक्षण प्रकट करता है और उन लक्षणो के आधार पर किस प्रकार सदृश्य औषधि का चयन किया जा सकता है। उन्होने विशिष्ट ओषधियों के बारे में भी जानकार दी।

लखनऊ के डा0 पंकज श्रीवास्तव ने होम्यो आर्थाे हीलिंग विषयक शोध पत्र में बताया कि बच्चों के पैरों के टेढे मेढे होने, रिकेटस एवं जोड़ो के अन्य रोगों का प्रबन्धन, पुर्नवास एवं उपचार होम्योपैथिक ओषधियों से उपचार पूरी तरह संभव है। उन्होंने उपचार के संबंध में अनेक रोगियों का साक्ष्य सहित विवरण भी उपलब्ध कराया। डा0 राजेश तिवारी ने आभार व्यक्त किया। संचालन डा0 प्रमोद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अनेक दवा कम्पनीयों द्वारा स्टाल लगाये गये। कार्यक्रम में बMh संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया

 

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