परीक्षा के भय का सामना कैसे करें- नैदानिक मनोचिकित्सक कार्तिक गुप्ता ने दिए सुझाव

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Hahnemann Ki Aawaz Posted on 25 – 02 – 2017
नई दिल्ली- परीक्षा का समय छात्रों के लिए तनावपूर्ण होता है जिसका उनके शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव हो सकता है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, भारतीय जनसंचार संस्थान ने अपने छात्रों के लिए एक सभा का आयोजन किया क्योंकि वे कुछ दिन में अपने सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए बैठेंगे। इस सभा के लिए कार्तिक गुप्ता  (एमएससी, एम.फिल) (क्लिनिकल मनोचिक्तिसक) को आमंत्रित किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्रों ने इस सभा में भाग लिया और एकाग्रता में सुधार करने के तरीक जानने के लिए सवाल पूछे।
कार्तिक गुप्ता ने परीक्षा की चिंता के कारणों के बारे में बात की तथा अपने ही छात्र जीवन के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने परीक्षा के चरण के दौरान छात्रों से अपने स्वास्थ्य की देखभाल रखने पर जो दिया और यह भी कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। स्पीकर ने चिंता से निपटने के कुछ उपयोगी टिप्स दिए। उन्होंने परीक्षा से पहले, लिखने के दौरान और परीक्षा लिखने के बाद भी शंात रहने के लिए कुछ तकनीक बताई। सत्र का मुख्य आर्षण गहरी साँस लेने का व्यायाम था जिसमें सभी उपस्थित छात्रों ने भाग लिया। यह तनावपूर्ण स्थितियों में ढील शेष के लिए भी एक बहुत प्रभावी तकनीक है।
कार्तिक गुप्ता, जो आईआईएमसी के साथ-साथ ।ज्ञळेव्टप्भ्।ड। क्लीनिक और ंउअमकदं में भी अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं, ने आगे भी अपने पूर्ण समर्थन और पेशेवर मदद का छात्रों को आश्वासन दिया। कुल मिलाकर, यह सत्र परीक्षा के तनावपूर्ण चरण के दौरान मानसिक शांति बनाए रखने के संदर्भ में जानकारी पूर्ण और उपयोगी था।
के.जी. सुरेश ( माहनिदेशक आईआईएमसी ) ने कार्तिक गुप्ता के इंटरैक्टिव सत्र की सराहना की और अपने निरंतर नवीन दृष्टिकाण के रूप में देश के प्रतिष्ठित संस्थान के संकाय, स्टाॅफ और छात्रों के लाभ के लिए भविष्य में इस तरह के और अधिक सत्र के लिए आग्रह किया। उनकी गतिशील कार्रवाई ने पहले ही आईआईएमसी का नाम राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। एडीजी मयंक अग्रवाल और प्रोफेसर डाॅ. सुरभि ने भी अपनी उपस्थिति से सत्र की शोभा बढाई

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