आर्मी में अब नियुक्त होंगे आयुष चिकित्सक

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 Hahnemann Ki Aawaz Posted on 18 – 11 – 2017

भोपाल- देश की रक्षा में तैनात हमारी आर्मी के जवानों को अब एलोपैथी के साथ ही आयुष चिकित्सा का भी उपचार मिलेगा। इसके लिए आर्मी में जल्द ही आयुष (आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं नैचरोपैथी) चिकित्सक पदस्थ किए जाएंगे। आयुष चिकित्सा पद्धति जो समरूपता के सिद्धांत पर आधारित है और बिना किसी साइड इफेक्ट के।
यह अस्थमा, हृदय रोग, फलू, मानसिक तनाव, अर्श, अर्थराइटिस, एड्स व कैंसर जैसे रोगों पर अच्छा कार्य करती है। चूंकि ज्यादातर सैनिकों को कई तरह के एलर्जिक रोग हो जाते हैं, जिसका उपचार आयुष चिकिस्तसा में बेहतर होता है, इसलिए इस पैथी के चिकित्सकों को नियमित रूप से अब सेना में पदस्थ किया जाएगा जो एलोपैथी चिकित्सकों के साथ मिल कर कार्य करेंगे।
डब्लूएचओ ने लगाई गुहार
इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने भी प्रधानमंत्री की सहमति से आयुष चिकित्सा की सेना में सुविधाएं प्रदान करने पर अपीन मुहर लगा दी है। होम्योपैथ, आयुर्वेद के साथ समस्त आयुष औषधियों को विश्व में प्रसारित किया जाएगा।
अस्पतालों का विस्तार होना चाहिए
आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्त डाॅ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि केन्द्र शासन को आयुष चिकित्सा के विस्तार के लिए हर राज्य में आयुष अस्पताल खोलना चाहिए। वर्तमान में जितने भी आयुष चिकित्सालय हैं उनमें मरीजों का पर्याप्त उपचार नहीं हो पाता है। यदि पैथी का विस्तार होगा तो शहरी एवं ग्रामीणजनों के साथ हर वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।
8 हजार आयुष चिकित्सक होंगे भर्ती
देश में आर्मी अस्पतालों में करीब 6 हजार से ज्यादा आयुष चिकित्सकों की नियुक्तियां की जाएंगी।
जिनमें होम्योपैथी द्वारा आर्मी अस्पतालों में विभिन्न डाॅक्टरों की देखरेख में सेवा ली जावेगी। प्रथम चरण में देश के चार मिलिट्री अस्पताल जिसमें बेस हाॅस्पिटल दिल्ली कैंट, मिलिट्री हाॅस्पिटल जालंधर, पूना व चंडीगढ़ शामिल रहेंगे। जहां होम्योपैथ के साथ आयुष डाॅक्टर सेवाएं देंगे। इसके बाद मप्र सहित अन्य राज्यों के आर्मी सैंटरों के अस्पतालों में आयुष चिकित्सक पदस्थ किए जाएंगे।
इनका कहना है
वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के डाक्टरों की नियुक्ति, सैनिकों के चिकित्सा कार्य में लिया जायेगा।
डाॅ. बी. चोपड़ा, डायरेक्टर जनरल आम्र्ड फासैंस मेडिकल सांईसेस

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